नाथ पंथी योगियों के भेष को ‘जोगी भेष’ (योगी भेष) कहाँ जाता है. इस पंथ की दीक्षा वसंत पंचमी के दिन ली जाती है.
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नवनाथ (नाथ पंथ) – Navnath

Navnath
Navnath

आदि नाथ – ॐ स्वरूप
मत्स्येन्द्र नाथ – माया रूप
गोरख नाथ – शिव स्वरूप (उल्टी थापना)
उदय नाथ – पार्वती स्वरूप
सत्य नाथ – ब्रह्मा स्वरूप
सन्तोष नाथ – विष्णु स्वरूप
अचम्भे नाथ – शेषनाग स्वरूप
कन्थड नाथ – गणेश स्वरूप
चौरंगी नाथ – चन्द्र स्वरूप
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गुरु मत्स्येन्द्र नाथ के आठ शिष्य हुए. जिनमे गुरु गोरख नाथ सबसे श्रेष्ठ शिष्य थे जिन्होने गुरु मत्स्येन्द्र नाथ को रानी से मुक्ति दिलायी थी. राजा की यौनी से निकलकर मत्स्येन्द्र नाथ की यौनी मे आए. तबले की थाप से आवाज़ आई, भाग मत्स्येन्द्र गोरख आया. यह कथा सभी जानते है.

Marakshanand Prabhu

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